रिश्वतखोरों ने अपने घरों को रोशन कर गरीबों के घरों में किया अंधेरा,घरो को रोशन करने वालो के घरों में रहा अंधेरा
कमीशन खोरी के चलते नही हुआ भुगतान
प्रबंध निदेशक ने जांच के दिये आदेश
तीन माह बितने के बाद भी नही हुई जांच
सन्देह के घेरे में जांच अधिकारी
प्रबंध निदेशक,एसीबी में की शिकायत
प्रतापगढ़। जिले के वृत कार्यालय में संवदिाकारो के कार्यो के बिलों के भूगतान एवं एसडी और ईएमडी की अमानत राशि के भूगतान के एवज में 10 एवं 15 प्रतिशत कमीशन मांगने को लेकर संविदाकारों ने प्रबंध निदेशक अजमेर एवं एसीबी जयपुर को शिकायत कर जांच की मांग की गई है । मामले की गभीरता को दखते हुए प्रबंध निदेश एन.एस निर्वाण ने प्रतापगढ़ वृत के अधीक्षण अभियन्त आई.आर मीणा को जांच सोंपी गई है। प्रतापगढ़ वृत अधीक्षण अभियन्ता ने विभाग के 3 अधिकारियों की जांच कमेटी गठित की गई है जिसमें रवि कुमार गुप्ता अधिशाषी अभियन्ता (शहर) शेखर चैाधरी अधिशाषी अभियन्ता (ग्रामीण) गिरवर आमेटा कार्मिक अधिकारी को सहायक लेखाधिकारी के विरूध्द की शिकायत को लेकर जांच सौंपी गई है। तीन माह बितने के बाद भी अब तक जांच रिपोर्ट नही सौंपने से जांच अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ रही है।
क्या है मामला- केस -1:
प्रतापगढ़ जिले के वृत में संवदिकारो के बिलों एंव एसडी.ईएमडी की अमानत राशि रिफण्ड के लिये 10 प्रतिशत व 15 प्रतिशत कमीशन की मांग लगातार की जा रही थी विगत तीन वर्षो से अमानत राशि को लेकर संविदाकारों ने वर्ष 2020 में ही अमानत राशि रिफण्ड के लिये विभागीय कार्यवाही कर दी गई थी लेकिन आज दिन तक उक्त राशि संविदाकार के खाते में जमा नही करवाई गई और 10 से 15 प्रतिशत कमिशन देने की मांग की गई साथ ही लेखाधिकारी नाथुलाल शर्मा के अचानक एपीओ होने के बाद से चार्ज सहायक लेखाधिकारी को मिलने के बाद संविदाकारो के बिलों को पास करने के एवज में कमिशन की मांग की जाने लगी जिसको लेकर संविदोकारो ने परेशान होकर राजेश कुमार मथुरिया सहायक लेखाधिकारी प्रतापगढ़ केशियर तरूण कुमार मीणा के विरूध्द शिकायत की गई।
केस नं. 2: वृत कार्यालय के अधिनस्थ रखरखाव एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत संविदाकारो एवं डेली बेसीस पर कार्य कर रहे मज्दुरों के दिपावली से पहले सभी को निगम द्वारा भूगतान कर दिया जाता है जबकि इस बार मोटे कमिशन की मांग पुरी नही होने पर सेकड़ों मज्दुरो को संविदाकार भूगतान नही कर सके कुछ संविदाकारो ने बाजार में ब्याज पर रूपये उठाकर मज्दुरों को भूगतान किया लेकिन वह भी उंट के मुह में जीरे के समान रहा जिसके चलते ठेकेदारो और मज्दुरों के घर इस दिपावली अंधेरा रहा। जबकि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा सभी वृत में बजट समय पूर्व ही कर दिया गया लेकिन विभाग के कुछ अधिकारियों के लालच और रिश्चतखोरी ने सेकड़ों लोगो के घरो को इस दिवाली रोशन नही होने दिया।
