प्रतापगढ़। चिकित्सा निदेशालय से अति. निदेशक डॉ रवि प्रकाश शर्मा और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने गुरूवार को प्रतापगढ़ जिले का दौरा किया। यहां उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलने वाली विभिन्न योजनाओं के साथ ही मौसमी बीमारियों और पोस्ट कोविड के असर की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वीडी मीना ने एक बैठक आयोजित किया। जिसमें जिले के सभी बीसीएमओ और चिकित्सा अधिकारियों ने शिरकत किया।
बैठक में अति. निदेशक डॉ रवि प्रकाश ने यहां मौसमी बीमारियों की समीक्षा किया। उन्होंने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रभाव और बीमारी के नियंत्रण के लिए उठाएं गए कदम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सतत् निगरानी से मौसमी बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, इसके लिए चिकित्सकांे के साथ ही पूरे महकमें को अलर्ट रहना जरूरी है। इसी के साथ ही डेंगू मलेरिया की गाइड लाइन के अनुसार दवाईयां, सर्वे रिपोर्ट, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वाल, एंटी एडलट्स, आईईसी गतिविधियों और हाउस टू हाउस सर्वे की टूल्स और रिपोर्ट के बारे में चिकित्सकों को विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में डब्ल्यूएचओ के स्टेट हैड डॉ राकेश विश्वकर्मा ने टीकाकरण, सर्वे और विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपेक्षाओं को लेकर आधारभूत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना तब सफल होती है, जब टीम के शीर्ष अधिकारी से लेकर ग्रास रूट वर्कर अपनी कुशल क्षमताओं का सौ फीसदी प्रदर्शन करें। इस अवसर पर स्टेट माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ रूचि सिंह ने मलेरिया की स्लाइड प्रिंपरेशन को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में कोविड के पश्चात प्रभावों की स्टडी के बारे में जानकारी गई। जिसमें डब्ल्यूएचओ के स्टेट रिसर्च ऑफिसर डॉ अहमद ने प्रतापगढ़ में स्टडी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कोविड के असर को जानने के लिए राज्यभर में प्रतापगढ़ सहित 12 जिलों में अध्ययन चल रहा है, जिसमें प्रतापगढ़ जिले ने लगभग सौ फीसदी का आंकड़ा एचीव किया है।
इस अवसर पर डब्यूएचओ की एसमओ डॉ स्वाति मित्तल ने कोविड के पश्चात प्रमुख प्रभावों के बारे में चल रहें अध्ययन को लेकर आधारभूत जानकारी उपलब्ध करवाई।
बैठक में प्रतापगढ़ जिले के आरसीएचओ डॉ जगदीप खराड़ी ने टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जिले की प्रगति के बारे में अधिकारियांे को विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय से वरिष्ठ फीजिशियन डॉ राजकुमार जोशी, धरियावद से बीसीएमओ डॉ राजेश बिजाणियां, छोटीसादड़ी से बीसीएमओ डॉ विजय गर्ग, अरनोद से बीसीएमओ डॉ गोपाल मीणा सहित सीएचसी और पीएचसी के चिकित्साधिकारी और मेनेजेरियल स्टाफ मौजूद था।
