Voice of pratapgarh News ✍️ संवाददाता महेश कुमार गुप्ता
दौसा। लालसोट शहर की जिला चिकित्सालय में संचालित जांच प्रयोगशाला भगवान भरोसे है। यहां चिकित्सक द्वारा जांच लिखी क्या जाती है और प्रयोगशाला सहायक द्वारा जांच कुछ और ही की कर दी जाती है।
जानकारी के अनुसार शहर निवासी अर्पित खंडेलवाल शनिवार को जिला अस्पताल में उपचार करवाने गया था। इस दौरान चिकित्सक द्वारा उसे परामर्श पर्ची पर ब्लड ग्रुप की जांच लिखी गई। इसके बाद अर्पित ने जांच लैब में पहुंचकर जांच करवाई तो, उनके द्वारा ब्लड ग्रुप की जांच न करके सीबीसी की जांच कर दी। रिपोर्ट लेकर मरीज पुन: चिकित्सक के पास पहुंचा तो चिकित्सक भी जांच देखकर हतप्रभ रह गया। चिकित्सक ने मरीज से कहा कि उन्होने तो ब्लड ग्रुप की जांच करवाई थी, न कि सीबीसी। चिकित्सक ने मरीज को पुन: जांच लैब पहुंचकर ब्लड ग्रुप जांच करवाने की बात कही। इसके बाद मरीज ने पुन: जांच लैब पहुंचकर चिकित्सक द्वारा बताई गई जांच के बारे में बताया। उसके बाद पुनः ब्लड का सैंपल लेकर जांच की गई। इसमें मरीज को घंटों का समय लग गया।
मरीज अर्पित खंडेलवाल का कहना है कि जांच करने वाले ही चिकित्सक की भाषा और अंग्रेजी में लिखी भाषा नहीं पढ़ सकते है, तो वे अन्य मरीजों की जांच भी इसी प्रकार से करते होंगे। इस प्रकार भगवान भरोसे जिला अस्पताल के हालात चल रहे है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों हालात क्या होंगे। इस पूरे वाक्या को समझकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आमजन का क्या होगा हाल।
