स्वयं सहायता समूह, महिलाओं और सरकार के सहयोगात्मक प्रयासों से उत्पादों को मिलेगा बाजार
प्रतापगढ़। अमृता हाट मेले का शुभारंभ मोहनलाल सुखाडिया स्टेडियम, प्रतापगढ़ में सोमवार को राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के मंत्री हेमंत मीणा के मुख्य आतिथ्य व जिला परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर व जिला कलक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया। मंत्री मीणा, सभापति, जिला कलक्टर सहित अन्य मुख्य अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखी साथ ही महिलाओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत महिला एवं अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक नेहा माथुर ने स्वागत उद्बोधन के साथ की। कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन भी किया गया।
हमारा यही लक्ष्य कि हर महिला बने आत्मनिर्भरः मंत्री मीणा
इस अवसर पर मंत्री मीणा ने जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए सरकार, एसएचजी व प्रशासन के सहयोगात्मक प्रयास से बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है और हमारा यह लक्ष्य है की हर महिला आत्मनिर्भर बने ताकि सभी को विकास के समान अवसर प्राप्त हो और 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के भारत सरकार के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एसएचजी की भूमिका है अतिमहत्वपूणर्ः जिला कलक्टर
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण बहुत जरूरी है और इस उद्देश्य की प्राप्ति में स्वयं सहायता समूह की अहम भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अमृता हाट मेले को लेकर आमजन में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आए और इस मेले का उद्देश्य साकार हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा की महिलाओं को भुगतान के डिजिटल माध्यम उपयोग में लाने का प्रशिक्षण भी दे और अनुभव साझा करने और आपस में सीखने के लिए मेले में संवाद का आयोजन करवाए। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि समूह और उत्पाद बेचने आए लोगो को किसी प्रकार की समस्या न हो।
आर्थिक सशक्तिकरण की अनोखी कहानी
अमृता हाट मेले में एक स्टॉल आंचल संस्थान द्वारा लगाया गया। उन्होंने जिला कलक्टर को चर्चा के दौरान बताया कि वह बहुत समय से अमृता हाट मेले से जुड़े हुए हैं और उनका मुख्य कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना व उन्हें आगे बढ़ाना है। उन्होंने आगे बताया कि उनके द्वारा महिलाओं को प्रेरित किया और उन्हें काम सिखाया गया ताकि वह स्वयं सहायता समूह में जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सके। जिसके परिणामस्वरूप आज उनसे 1500 से 1600 महिलाएं जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वह विभिन्न तरह की प्रदर्शनियों व मेलों में जाकर वह अपने उत्पादों को बेचते हैं। उन्होंने यह कहा कि सरकार द्वारा उन्हें अमृता हाट मेले के रूप में एक बाजार उपलब्ध करवाया गया है जहां से उन्हें अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने का एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म मिला है। उन्होंने इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है की अमृता हाट मेले में आभूषण, वस्त्र स्थानीय उत्पाद, आम पापड़, अचार, खाद्यान्न सामग्री, खिलौने सहित अन्य उत्पादों की स्टाल लगाई गई। कार्यक्रम में उपवन संरक्षक हरिकिशन सारस्वत, उपसभापति सेवन्तीलाल चण्डालिया, प्रधान रमेश मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन सुधीर वोरा ने किया।



