वाॅइस ऑफ प्रतापगढ़ न्यूज़।
प्रतापगढ़। सुहागपुरा के पंडावा में आदिवासी पिछले 5 दिनों से लगातार अपनी जमीन बचाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं धरने के पांचवे दिन भारत आदिवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बद्री भगोरा ने बताया की वनविभाग सरकार के इशारों पर प्लांटेशन के नाम पर कई सालों से खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे पंडावा के आदिवासियों को बेदखल कर ये जमीन उद्योगपतियों को देने का षडयंत्र कर रहा हैं जिसका हमें पता लग चुका हैं। जैसे अभी दांता और केलामेला के जंगलों की नीलामी की जा रही हैं वनविभाग का ये सरकार के इशारों पर तानाशाही रवैया अपनाकर प्लांटेशन के नाम पर पहले आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल करो फिर यही जमीन सरकार के इशारों पर उद्योगपतियों को बेचना उद्योगपतियों के लिए ये जमीन सिर्फ उनका व्यापार बड़ाने का जरिया हैं। लेकिन हमारे लिए ये जमीन आगे की कई पीढ़ियों की जीवन यापन करने का साधन हैं सरकार के इशारों पर इसलिए कह रहा हु क्योंकि पंडावा के आदिवासियों द्वारा एक ज्ञापन अभी वर्तमान सरकार में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा को भी दिया हैं लेकिन उनकी तरफ से भी कोई सुनवाई नहीं करना ये इंगित करता हैं की इसमें सरकार की मिली भगत हैं। हमने DFO कलेक्टर को भी ज्ञापन दिए हैं लेकिन अभी तक हमारी प्रशासन की तरफ से भी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं धरने में भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पूर्व ब्लॉक (सुहागपुरा)संयोजक दुर्गेश हरमोर भी शामिल रहे जो की स्थानीय हैं दुर्गेश हरमोर ने बताया हम पिछले पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे अब वनविभाग के वनपाल विरेंद्र सिंह हमे फोन पर धमकियां दे रहे हैं और कह रहे हैं कि धरना खतम करो और ये जमीन छोड़कर चले जाओ नहीं तो सबको जैल में डलवा दूंगा लेकिन हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हमें जब तक न्याय नहीं मिल जाता हैं तब तक हम सब धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
धरने में शामिल भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ब्लॉक संजयोक उदयलाल,बालू सामाजिक कार्यकर्ता गणेश निनामा,अशोक मईडा एवम् पंडावा के समस्त ग्रामवासी रहे।



