Voice of Pratapgarh News ✍️ तारूसिंह
बालश्रम की रोकथाम हेतु चले एक माह के अभियान में प्रतापगढ में कुल 40 बालश्रमिकों को मुक्त करवाने के साथ 21 मामले दर्ज
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत अब तक 40 से ज्यादा बच्चे प्रतापगढ़ जिले में हुए मुक्त
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारत सरकार एवं पुलिस विभाग द्वारा संचालित उमंग-3 अभियान के तहत दिनांक 01 जून से 30 जून के मध्य पूरे राष्ट्र में विभिन्न कार्यवाही हुई एवं बच्चों को बालश्रम के दलदल से मुक्त करवाया गया | इसी के तहत प्रतापगढ़ जिले में कुल 40 बालश्रमिकों को मुक्त करवाने के साथ 21 एफ. आई. आर. किशोर न्याय अधिनियम एवं बालश्रम अधिनियम अंतर्गत दर्ज की गई |
इस अवसर पर राजस्थान बाल आयोग, राजस्थान सरकार के पूर्व सदस्य एवं अभियान संयोजक डॉ. शैलेंद्र पंड्या ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रीयंक कानूनगो के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रतापगढ़, मानव सरकारी विरोधी यूनिट, पुलिस विभाग, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, एक्सेस टू जस्टिस टीम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं गायत्री सेवा संस्थान द्वारा टीम रूप में बालश्रमिकों के चिन्हीकरण से रेस्क्यू तक की सफल कार्यवाही हुई | साथ ही मुकदमे दर्ज होने से पूरे जिले में बालश्रम न करवाने का संदेश गया है | जिन स्थानों पर बालश्रमिक नहीं मिले ऐसे नियोक्ताओं को अभियान के दौरान सम्मानित भी किया गया ।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति प्रतापगढ़ अध्यक्ष मुकेश नागदा ने जानकारी देते हुए बताया की रेस्क्यू कर बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से बाल गृह में शेल्टर करवाया गया है | जहां उनके परिवार का पता लगाने के साथ विस्तृत काउंसलिंग एवं समझाइश कर ही पुर्नवास किया जाएगा |



