Voice of Pratapgarh News ✍️ पंडित मुकेश कुमार
डूंगरपुर। चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री सुनील सागर के सुशिष्य मुनि श्री सुधींद्र सागर महाराज एवम क्षुल्लक श्री अकम्प सागर महाराज का गेंजी में चातुर्मास चलते आज विशेष पार्श्वनाथ पद्मदावती विधान की पूजा अर्चना हुई प्रातः 7 बजे जिनेन्द्र का अभिषेक महाशांती धारा हुई आज की शांतिधारा के पूण्यार्जक ब्रह्मचारी महेंद्र भैया को मिला।
मुनि श्री ने प्रवचन धारा में कहा श्रावक को पूजा दान और दया नित्य प्रति दिन करना चाहिए दान से पुण्य का संचय होता और पूजा करने से पूर्व में अशुभ कर्मो के पापाश्रव की निर्जरा होती हे और आत्म विशुधि प्राप्त होती है तथा जीव मात्र के प्रति दया के भाव रखते हुए दिन दुखी जीवों सहायता सेवा करनी चाहिए भले का परिणाम भला मिलता ही बुरी प्रवत्ति करने से परिणाम बुरे मिलते है।
पार्श्वपद्मवती विधान की पूजा अर्चना संघस्थ विधानाचार्य बाल ब्रह्मचारी मयंक भैया ने संपन्न करवाई जिसमे समाज के सेकडो श्रावक श्राविका ने भाग लेकर पुण्यार्जन किया। यह जानकारी समाज के वरिष्ठ गण अनिल कुमार सुरेश चंद्र जैन महेश कुमार देवचंद सूरजमल विनोद कुमार भाग्यचंद राजेंद्र कोठारी राजेंद्र कुमार शांतिलाल गजेंद्र कुमार लक्ष्मी लाल जैन भवरलाल जैन जयंतीलाल जैन इत्यादि ने धर्म का लाभ लिया।



