Voice of Pratapgarh News ✍️ पंडित मुकेश कुमार
चित्तौड़गढ़। जिले के पीपली अहीरान में आदिवासी भील समाज के अध्यक्ष देवीलाल भील ने बताया कि गांव मेघाखेड़ा कि गवरी आज सुबह 11:00 से गांव पिपली अहिरान में शुरु हुई जिसमे बडी संख्या में महिलाएं पुरुष बच्चे देखने आए साथ ही आसपास के गांव से जिसमे प्रेमपुरा, बड़लिया,लालपुर गोगाथना ,पेमाखेड़ा कुरज तक के लोग गवरी देखने आए मेवाड़ की प्रसिद्ध गवरी के जिसमें विभिन्न प्रकार के खेल हुवे जिसमें कान्हा, गुजरी, कालू कीर,देवी अंबा, भान्या जोगी राजा जेल, रानी, वरजू कांजरी अंबा माता रानी, जांगड़ जांगड़ी बनिया मीणा, चित्तौड़ का किला महाराणा प्रताप भीलू राणा, जयमल पत्ता, बादशाह, बीबू, मीणा बंजारा की लड़ाई आदि गवरी में पुरुष पात्र होते हैं और लगभग 40 से 50 खिलाड़ी होते हैं। आदिवासी भील समाज के अध्यक्ष देवीलाल भील ने बताया कि मेवाड़ की प्रसिद्ध आदिवासी भील समाज लोक नृत्य गवरी को अंतर्राष्ट्रीय यूनेस्को में शामिल करने की तैयारी पर्यटन विभाग ने जिला प्रशासन से प्रस्ताव तैयार करने को लिखा पत्र यूनेस्को में शामिल किया जाएगा।



