बसंत पंचमी का अबूझ सावा आज सर्वार्थ सिद्धि,शिव,सिद्ध योग का रहेगा संयोग

Voice of pratapgarh News ✍️ रिपोर्टर महेश कुमार गुप्ता

दौसा। ज्ञान,कला,संगीत की देवी मां सरस्वती का प्राकटो्ंत्सव आज रविवार को माघ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को धूमधाम से मनाया जाएगा।आज बसंत पंचमी का अबूझ सावा होने के चलते शहर सहित ग्रामीण अंचल में शादीयों की धूम रहेगी।आज बंसत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती हाथ में पुस्तक,वीणा और माला लिए हुई श्वेत कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थी।आज सर्वार्थ सिद्धि,शिव योग,सिद्ध योग के साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र,मीन राशि का चंद्रमा रहेगा।इन योगों में किया गया कार्य का परिणाम शुभ होता है। गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि वह ऋतुओं में स्वयं बसंत ऋतु है।बसंत ऋतु को ऋतुराज भी कहा जाता है।बसंत पंचमी का यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में शिक्षा,कला,संगीत और प्रकृति का सम्मान करना चाहिए।आज बसंत पंचमी का स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त होने के चलते आज विवाह,गृह प्रवेश,नए प्रतिष्ठान की शुरुआत करना,वाहन,सोना खरीदना एवं अन्य सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बिना पंचाग देखे किए जा सकते है तो वही आज प्रयागराज में तृतीय शाही स्नान भी किया जाएगा।आज तीर्थ स्नान,जप-तप,दान का विशेष महत्व है।आज पीले कपड़े पहन के पीले फूलों को मां सरस्वती को अर्पण करना चाहिए।आज शनि देव भी पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं।जिसके चलते मिथुन,कर्क और मकर राशि को विशेष लाभ होगा। ये रहेगें अबूझ मुहूर्त आज बसंत पंचमी,1 मार्च को फुलेरा दोज,6अप्रैल रामनवमी,30अप्रैल अक्षय तृतीया,5मई जानकी नवमी,12मई पीपल पूर्णिमा,5 जून गंगा दशमी,4 जुलाई को भड़ल्या नवमी का अबूझ मुहूर्त रहेगा। अब यह रहेगें आगामी विवाह मुहूर्त फरवरी में 2,4,6,7,13,14,15,18,20,21,25 फरवरी।मार्च 5 और 6 मार्च।अप्रैल 14,1618,19,20,21,2528,30 अप्रैल।मई1,5, 6,7,8,13,15,17,24,28 जून 1,2,4,7,8,9,10 जून और फिर11जून से गुरू अस्त,6जुलाई से देवशयनी एकादशी से लेकर 1 नवंबर देवउठनी एकादशी के बाद फिर से मांगलीक कार्यों की शुरूआत होगी।

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