चिरन्जीवी दूर्घटना बीमा राशि 5,00,000/- रूपये का अवार्ड पारीत

Voice of Pratapgarh News ✍️ रिपोर्टर पंडित मुकेश कुमार 

चितौड़गढ़। प्रार्थीया नाराणी बाई पत्नि कालू राम उर्फ कालूलाल गुर्जर उम्र- 42 वर्ष निवासी- कचनारिया तहसील गंगरार जिला चित्तौड़गढ़ राज ने राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधी विभाग के विरूद्ध एक परिवाद न्यायालय जिला स्थाई लोक अदालत चित्तौड़‌गढ़ में अधिवक्ता भगवतसिंह गिलूण्डिया, राजकुमार वैष्णव के मार्फत इस आशय का पेश किया कि विपक्षी द्वारा राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना चिरन्जीवी दूर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत जनआधार कार्ड में अंकित संपूर्ण सदस्यों का वीमा किया गया, जिसमें से किसी भी सदस्य की विपक्षी की पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दूर्घटना मृत्यु होने पर मृतक के परिवार के मुखिया या उसके वारिसान को बीमा क्लेम राशि 5,00,000/- रुपये दिये जाने का प्रावधान था। तथा विपक्षी द्वारा प्रार्थीया के जनआधार में अंकित सभी सदस्यों का बीमा किये जाने के बाद प्रार्थीया के पति कालूराम पिता गिरधारी गुर्जर जो कि दिनांक 04/05/2023 को दिन के करीब 3 बजे अपने स्वयं के गांव कचनारिया में स्थित मकान की छत पर इंटे चढ़ा रहा था कि अचानक पैर स्लिप होने से छत से नीचे गिर गया जिससे उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटे आने से उसकी दोराने ईलाज गंगरार चिकित्सालय में मृत्यु हो गई, जिसकी तत्कालीन ड्यूटी डॉक्टर द्वारा डेथ समरी बनाई गई, जिसमें मृतक के ऊँचाई से गिरने से सिर में गंभीर चौट आने के कारण मृत्यु होना बताया। तथा प्रार्थीया द्वारा उक्त सभी आवश्यक दस्तावेज सहित क्लेम आवेदन किया, परन्तु विपक्षी ने प्रार्थीया को क्लेम राशि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नही करने के आधार पर अदा नही की, जिस पर प्रार्थीया द्वारा अपने अधिवक्ता के मार्फत विपक्षी को रजिस्टर्ड नोटिस भिजवाया गया जिसका भी विपक्षी ने कोई जवाब नही दिया, जिससे प्रार्थीया ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें विपक्षी ने अपना जवाब पेश कर तर्क दिया कि उक्त प्रकरण में मृत्यु का कारण स्पष्ट नही होने के कारण पुलिस एफआईआर/क्लोजर रिपोर्ट की मांग के लिये आवेदन पुनः प्रार्थीया को लौटा दिया। तथा आवेदन आज दिनांक तक लंबीत होकर उसका निस्तारण नही किया है, जिससे प्रार्थीया का प्रार्थनापत्र निरस्त किये जाने योग्य है। प्रार्थीया के अधिवक्तागण द्वारा तर्क दिया कि पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार प्रार्थी विपक्षी से बीमा राशि 5,00,000/- रुपये मय ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है। और प्रार्थीया द्वारा अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर दिये गये थे। मंच के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा व सदस्या विमला सेठिया ने परिवादीगण के तर्को से सहमत होते हुए विपक्षी के विरूद्ध आदेश सुनाया कि विपक्षी बीमा विभाग प्रार्थीया को क्लेम राशि 5,00,000/- रुपये अदा करे और उक्त राशि पर प्रार्थनापत्र प्रस्तुति दिनांक 08/01/2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से दो माह के अन्दर ब्याज अदा करे तथा प्रार्थीया को हुए मानसिक संताप व परिवाद व्यय के 5-5 हजार रुपये अलग से अदा करने का आदेश प्रदान किया।

Recent Posts