जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने दी उपस्थिति
वाॅइस ऑफ प्रतापगढ़ न्यूज़।
प्रतापगढ़। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के जन्मदाता महाप्रभु स्वामीजी श्री 1008 श्री रामचरण महाराज के 304 वे प्राकट्य महोत्सव के उपलक्ष्य में नगर में महाप्रभु द्वारा रचित अणभै वाणी ग्रंथ की शोभायात्रा को संप्रदाय के युवा संत बालयोगेश्वर श्री दिव्येश रामजी महाराज ने दिव्य व चमत्कारिक बताया संत श्री ने कहा कि यह उन्हीं की प्रेरणा हम सभी के अंतः करण में हुई संत श्री ने जीवन में गुरु कृपा को ही सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया है। गुरुकृपा से असंभव कार्य भी सिद्ध हो जाते हैं वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ समय गुरु भक्ति व धार्मिक कार्यों में देना चाहिए इससे हमारे अन्ऩ व धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं। दोपहर 2: बजे गोपालगंज रामहवेली से प्रारंभ हुई अणभै वाणी ग्रंथ की शोभायात्रा में सर्वप्रथम दो अश्व सवार होकर रामस्नेही भक्त गुलाबी रंग का रामस्नेही ध्वज फैला रहे थे व बेंड बाजे अपना मधुर संगीत में भजन गाते हुए चल रहे थे। भक्त श्री वाणीजी के साथ छत्र चवर लेकर चल रहे थे साथ में संप्रदाय के संत श्री पुरुषोत्तम रामजी महाराज दलोट एवं संत श्री दिव्येश रामजी महाराज भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए चल रहे थे। ढोल की थाप पर महिलाओं द्वारा गरबा किया जा रहा था महाप्रभु स्वामी रामचरण महाराज के स्वरुप की झांकी विशेष रुप से सजाई गई थी जो नगर के लिए आकर्षण का केंद्र थी। सभी भक्त गुलाबी रंग के साफे में एक रुपता का परिचय दे रहे थे पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया शोभा यात्रा का पुष्प वर्षा ,पूजन व आरती से स्वागत किया गया। शोभायात्रा के रामद्वारा पहुंचने पर संप्रदाय के वरिष्ठ एवं विद्वान संतों के प्रवचन हुए उसके बाद महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जो देर शाम तक चला संध्या आरती के समय 304 दीपक प्रज्वलन से रामद्वारा जगमगा गया। संध्या आरती के बाद भजन व नाम जप किया गया भक्तो द्वारा अपने घरों पर भी रंगोली व दीप प्रज्वलित किए।



