वाॅइस ऑफ प्रतापगढ़ न्यूज़।
प्रतापगढ़। भगवान महावीर के 2550 वे निर्वाणोत्सव वर्ष एवं जैन अनुशीलन केंद्र के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में जैन अनुशीलन केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय एवं अनेकान्तवाद फाउंडेशन जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में सीनेट हॉल (कुलपति सचिवालय) राजस्थान विश्वविद्यालय में दिनांक 2 मार्च 2024 को “वर्तमान में वर्धमान” विषय पर प्रातः 11 बजे संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी निदेशक एवं जैन अनुशीलन केंद्र की निदेशक प्रो. रश्मि जैन ने बताया कि आज सम्पूर्ण विश्व भगवान महावीर का 2550 वा निर्वाणोत्सव वर्ष मना रहा है ऐसे में यह चिंतन, मनन आवश्यक है कि वर्तमान में किस प्रकार वर्धमान (भगवान महावीर) की शिक्षाओं का अनुसरण कर विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजन सचिव रोहित कुमार जैन ने बताया कि संगोष्ठी में जैन परम्परा में स्त्री चेतना के सरोकार, अनेकान्तवाद का सामाजिक परिपेक्ष्य, भगवान महावीर के सिद्धान्तों का विश्व कल्याण में भूमिका, वर्तमान में वर्धमान की प्रासिंगकता आदि आयाम विमर्श के प्रमुख बिंदु रहेंगे। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मभूषण डी. आर. मेहता, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर रहेंगे, समारोह की अध्यक्षता प्रो. अल्पना कटेजा, कुलपति राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा की जाएगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में आर.सी. जैन, उपाध्यक्ष सुबोध जैन शिक्षा समिति एवं निदेशक विधाश्रम रहेंगे। अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. धीरज जैन, अतिरिक्त आयुक्त आयकर विभाग दिल्ली, प्रो. अनिल जैन, पूर्व निदेशक, जैन अनुशीलन केंद्र एवं प्रो. संजय कुमार जैन रहेंगे। कार्यक्रम में अनेकान्तवाद फाउंडेशन की चेयरमैन डॉ. सोनिया धीरज जैन भी रहेगी। संगोष्ठी में देश भर से विभिन्न विद्धवान व शोधार्थी शामिल होंगे।



