Voice of Pratapgarh News विरेन्द्र टेलर।
नेशनल हाईवे और प्रशासन द्वारा बिना मुआवजा दिए मनमानी तरीके से भूमि पर निर्माण कार्य करने के मामले में पीड़िता ने बांसवाडा आयुक्त नीरज के पवन को सुनाई अपनी पीड़ा
दस वर्षो से अधिक समय हुए कार्यालयों के चक्कर लगा रहा दंपति नहीं हो रहा कार्य
बांसवाड़ा। आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए सविता देवी दर्जी ने बताया की स्वामित्व व कब्जे का औद्योगिक एवं आवासीय भूमि सर्वे नम्बर 1424/1422 एवं 1487/986/173 वाके ग्राम सागडोद जिला बांसवाड़ा में स्थित है उक्त भूमि को नेशल हाइवे निर्माण हेतु अवाप्त किये जाने की आवश्यता होने से नेशनल हाइवे अधिकरण के द्वारा गैर कानूनी तरीके से मुझ प्रार्थीया को बिना किसी प्रकार के मुआवजा दिये एवं विधिक कार्यवाही किये जबरन डरा धमकाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
उक्त विषय पर मेरे द्वारा नेशनल हाइवे अधिकरण से उचित मुआवजे की मांग की गई है लेकिन नेशनल हाइवे अधिकरण के द्वारा सुनवाई नहीं किये जाने पर उच्च न्यायालय के द्वारा सिविल रिट संख्या 157/2023 की सुनवाई कर नेशनल हाइवे अधिकरण जिला कलेक्टर, बांसवाडा एवं उपखण्ड अधिकारी बांसवाडा एवं भूमि अवाप्त अधिकारी बांसवाडा को निर्देशित किया है कि उक्त प्रकरण को सुलह एवं माध्यस्त अधिनियम 1996 के तहत यथा शिघ्र निर्धारित कर निस्तारण करने के निर्देश दिये गये है कार्यालय में पेश कर प्रकरण निस्तारण किये जाने हेतु निवेदन किया है लेकिन आज तक प्रकरण का निस्तारण नही हुआ है।
नेशनल हाइवे अधिकरण,ठेकदार और अन्य प्रशासन द्वारा मुझे डरा धमका कर गैर कानूनी तरीके से जबरन निर्माण कार्य करवाया जा रहा है जो कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। उक्त प्रकरण माध्यस्त एंव सुलह अधिनियम के तहत कार्यालय मे निस्तारण हेतु लंबित होने से प्रकरण के निस्तारण तक मौके की यथा स्थिति बनाये रखे जाना आवश्यक है।
सुलह माध्यस्त अधिनियम 1996 के तहत मुझ प्रार्थीया का प्रार्थना-पत्र निस्तारण होने तक मौके की यथा स्थिति बनाये रखे , और उचित मुआवजा राशि मिलने पर ही आगे का कार्य शुरू होने की मांग करी गई, जिस पर आयुक्त नीरज के पवन द्वारा उपखंड अधिकारी बांसवाड़ा से मामले की स्थिति को फोन पर मांगी गई और पीड़िता की समस्या के समाधान हेतु हाथो हाथ निर्देशित किया गया। इस दौरान पीड़िता के पति दिलीप दर्जी छीच,योगेश चौहान,विरेन्द्र टेलर,हीरेन पंवार आदि उपस्थित रहे।



