राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा की 56 वीं काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन

 

Voice of Pratapgarh News@ महेश कुमार गुप्ता।

अंतर्राष्ट्रीय माँ दिवस पर कवियों ने सुनाई माँ पर एक से बढ़कर एक रचनाएँ

दौसा। राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा के तत्त्वावधान में अंतराष्ट्रीय माँ दिवस पर 56 वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय, रेलवे स्टेशन, दौसा पर किया गया। काव्य गोष्ठी के मुख्यातिथि वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश दुबे दुबे , विशिष्ट अतिथि कवि चौपाल के संरक्षक रवीन्द्र चतुर्वेदी एवं अध्यक्षता वरिष्ठ सलाहकार बाबूलाल बोहरा ने की। अतिथियों एवं साहित्यकारों द्वारा माँ शारदे के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर काव्य गोष्ठी की शुरुआत की।

काव्य गोष्ठी के संयोजक राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा के जिलाध्यक्ष कवि कृष्ण कुमार सैनी ने “माँ मेरा संसार है, माँ ही है घर बार, माँ के पैरों में सदा, वंदन बारम्बार” और माँ ईश्वर का वरदान है, माँ आन-बान और शान है कविता सुनाकर माँ की ममता का वर्णन किया।

उपाध्यक्ष बृजमोहन मीना ने तेरी चाहत में जब से पागल हूं.. कोषाध्यक्ष बुद्धिप्रकाश महावर ‘मन’ ने “माँ जीवन का सार है, मां गंगा की धार है.. बस्सी से पधारे आरव कौशिक ने वीर रस की मां को बनाकर खुदा बेरोजगार हो गया.. विश्राम मीना ने “माँ मेरी यह दुनिया तेरे आंचल से छोटी है.. मुकेश कुमार शर्मा ने उसके हुस्नों जवानी की बात.. वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश दुबे दुबे ने “कोई जाए मथुरा काशी कोई वृंदावन जाए, माँ सारे तीर्थ मैंने तेरे चरणों में पाएँ.. संरक्षक रवीन्द्र चतुर्वेदी ने जिनमें जान बसती है वे बच्चे दूर बसते हैं.. सलाहकार बाबूलाल बोहरा ने “माँ के आँचल में सो जाऊँ.. कविता सुनाई। साथ ही उन्होंने साहित्य में छंद लिखने के लिए सभी को प्रेरित किया..। लोकेन्द्र भारद्वाज ने ‘याद तुम्हारी फिर फिर आती यार, लाखों से बेहतर हो तुम दिलदार..जयपुर के ललित भारद्वाज ने कर्ण खण्ड काव्य सुनाया.. मोहित बैरवा ने माँ तेरा आँचल अनोखा.. भावेश झालानी ने देशभक्ति कविता सुनाई ।
सचिव दिनेश प्रजापति तूफानी ने मंच संचालन करते हुए “थामा भुजा को आपने तो अब कभी मत छोड़ना, जिससे किया है प्रेम उससे मुख कभी मत मोड़ना..कविता सुनाकर खूब वाह वाही लूटी। कवि कृष्ण कुमार सैनी ने बताया कि माँ दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में सूरज सिंह महावर का प्रथम स्थान आने पर सभी अतिथियों द्वारा सम्मान भी किया गया। काव्य गोष्ठी में अमित कौशिक, हरीश झालानी उपस्थित रहे।

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