चारागाह भूमि पर वृक्षारोपण को लेकर ग्रामीणों ने जताया विरोध

 

Voice of pratapgarh News ✍️पत्रकार महेश पीलूखेड़ा

दौसा। लालसोट।हरियालों राजस्थान योजना के तहत चल रहा था पौधारोपण, दो घंटे में ही काम रुका
ग्राम पंचायत ढोलावास के शाहजहांनपुरा गांव में चारागाह भूमि पर हरियालों राजस्थान कार्यक्रम के तहत शुरू हुए वृक्षारोपण कार्य का ग्रामीणों ने शनिवार को विरोध कर काम बंद करवा दिया। विरोध इतना तीव्र था कि ग्रामीणों ने खुदाई के गढ्ढों को भी भर दिया और जेसीबी सहित अन्य संसाधनों को लौटा दिया गया।

27 हेक्टेयर में से 1 हेक्टेयर भूमि पर होना था पौधारोपण
ग्राम पंचायत द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार, 27 हेक्टेयर की चारागाह भूमि में से केवल 1 हेक्टेयर लगभग 4 बीघा भूमि पर ₹10 लाख की लागत से 2500 पौधे लगाए जाने थे। इनमें आम, जामुन, कटहल, आंवला, नींबू जैसे फलदार पेड़ और बरगद, पीपल, शीशम, नीम जैसे छायादार पौधे शामिल थे।

पानी और सुरक्षा की थी विशेष व्यवस्था
पेड़ों की सुरक्षा के लिए तारबंदी और सिंचाई के लिए सोलर सिस्टम आधारित पानी की टंकी प्रस्तावित थी। दो स्थानीय मजदूरों को रखवाली के लिए नियुक्त कर नरेगा के तहत ₹265 प्रतिदिन भुगतान किया जाना तय था।

ग्रामीणों ने काम रोका, अफसरों को दी सूचना
कार्य आरंभ होने के महज दो घंटे बाद ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और काम को पूरी तरह रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भूमि उनके पारंपरिक उपयोग की है और बिना सहमति इस पर काम नहीं किया जा सकता।

पंचायत प्रशासन ने दी सफाई
सरपंच प्रतिनिधि बाबूलाल मीणा और ग्राम विकास अधिकारी विशाल शर्मा ने बताया कि कार्य हरियालों राजस्थान योजना के अंतर्गत जिला परिषद के आदेशानुसार शुरू किया गया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद कार्य को रोकते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई आदेशों के अनुसार की जाएगी।

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