प्रतापगढ़। जिले में बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और मानव दुव्यापार उन्मूलन एवं भिक्षावृत्ति नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘उमंग-06’ के तहत विगत गुरुवार को पुलिस ने तिरंगा चौराहे पर दो नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सहायक उपनिरीक्षक रामावतार, कॉन्स्टेबल पवन कुमार एवं गायत्री सेवा संस्थान की प्रतिनिधि पूजा राजपूत और काउंसलर सुमित्रा के साथ संयुक्त टीम दोपहर 4:06 बजे थाने से रवाना होकर 4:44 बजे तिरंगा चौराहे पर पहुंची एवं मौके पर सड़क किनारे इंटरलॉक लगाने का कार्य चल रहा था।
टीम ने पाया कि ठेकेदार राजू पुत्र नारायण मीणा निवासी मुंडीखेड़ा थाना पिपलखूंट द्वारा दो नाबालिग बच्चों (दोनों निवासी हठनीकुड़ी थाना देवगढ़) से मजदूरी करवाई जा रही थी। पूछताछ में बालकों ने बताया कि वे सुबह 9 से शाम 6 बजे तक काम करते हैं और प्रति दिन 400 रुपए मजदूरी मिलती है।
पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी कराई और दोनों नाबालिगों को दस्तयाब कर विधिवत बाल कल्याण समिति प्रतापगढ़ के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू की। ठेकेदार राजू मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ धारा 75, 79 जेजे एक्ट 2015 एवं 3/14 बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन`अधिनियम 1986 के तहत मामला दर्ज किया गया।



